Contact Us

शनिवार, 18 अप्रैल 2009

पर तरस गई हूँ !


तेरी
 उँगलिओ के स्पर्श को
जो चलती थी मेरे बालो मे

तेरा
वो चुम्बन
जो अकसर  करती थी
तुम मेरे गालो पे

वो 
स्वादिष्ट पकवान
जिसका स्वाद 
नही पहचाना मैने इतने सालो मे

वो मीठी सी झिडकी
वो प्यारी सी लोरी
वो रूठना - मनाना
और कभी - कभी
तेरा सजा सुनाना
वो चेहरे पे झूठा गुस्सा
वो दूध का गिलास
जो लेकर आती तुम मेरे पास

मैने पिया कभी आँखे बन्द कर
कभी गिराया तेरी आँखे चुराकर

 आज कोई नही पूछता ऐसे
???????????????????
तुम मुझे कभी प्यार से
कभी डाँट कर खिलाती थी जैसे


******************************************

10 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय
    खुशामदीद
    स्वागतम
    हमारी बिरादरी में शामिल होने पर बधाई
    मेरी सबसे बड़ी चिंता ये है कि आज हमारे समाज का शैक्षिक पतन उरूज पर है पढना तो जैसे लोग भूल चुके हैं और जब तक आप पढेंगे नहीं, आप अच्छा लिख भी नहीं पाएंगे अतः सिर्फ एक निवेदन --अगर आप एक घंटा ब्लॉग पर लिखाई करिए तो दो घंटे ब्लागों की पढाई भी करिए .शुभकामनाये
    अंधियारा गहन जरूरत है
    घर-घर में दीप जलाने की
    जय हिंद

    जवाब देंहटाएं
  2. माँ का स्थान कौन ले पाया है भला....
    बहुत भावुक रचना

    जवाब देंहटाएं
  3. मुनव्वर राणा साहब कहते हैं कि-

    मेरे गुनाहों को वो इस कदर धो देती है।
    माँ जब गुस्सा में हो तो रो देती है।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    जवाब देंहटाएं
  4. हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं ............
    इधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं ऽऽऽऽऽऽऽऽ

    जवाब देंहटाएं
  5. गज़ब.........बहुत अच्छे....सुन्दर....और कुछ नहीं कह पाउँगा मैं.......दरअसल माँ पर जब भी कुछ लिखा जाता है.....तो वह माँ-सा ही बन जाता है....है ना.....??

    जवाब देंहटाएं
  6. मेरी दुनियाँ है माँ....तेरे आँचल में .

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

    जवाब देंहटाएं
  8. ब्लोग जगत मे आपका स्वागत है। सुन्दर रचना। मेरे ब्लोग ्पर पधारे। प्या्र ी चरम अीव्यति।

    जवाब देंहटाएं
  9. अच्छा लिखा है आपने और सत्य भी , शानदार लेखन के लिए धन्यवाद ।

    मयूर दुबे
    अपनी अपनी डगर

    जवाब देंहटाएं