- " तुम किसे ज्यादा प्यार करते हो? मम्मी या पापा? "
- " बाल गीले हों तो, पंखे के नीचे मत सोओ, तुम्हे ठण्ड लग जाएगी. "
- " दिनभर टीवी देखोगे तो तुम्हारी आँखे ख़राब हो जाएँगी. "
- " बार-बार वही पुरानी कहानी सुनकर तुम थकते नहीं ? "
- " सभी सब्जियां ख़त्म कर दो... नहीं तो तुम्हारी लम्बाई कभी नहीं बढ़ेगी. "
- " पहुँचते ही मुझे फ़ोन करना मत भूलना... ओ.के. ? "
- " तुम्हारा कपबोर्ड कपड़ो से भरा हुआ है फिर भी तुम्हारे पास पहनने को कुछ भी नहीं है ? "
- " पापा को आने दो, फिर देखना ! "
- " जब मै तुम्हारी उम्र की थी तो मेरी शादी हो चुकी थी ! "
- " आजकल के बच्चे !!! हम कितने अलग थे ! "
माँ शब्द उच्चारते ही लबखुल जाते हैं, मानो कह रहे हों, लो दिल की दरीचे खुल गए , अब भावनाओ की गांठे खोल दो, बहने दो मन को माँ जो सामने है |
Tuesday, 17 May 2011
अक्सर माँ कहती है !
Sunday, 8 May 2011
माँ हूँ मै !
माँ और बच्चों के प्रेम को दुनिया का सबसे अनोखा रिलेशन माना गया है. गरीब हो या अमीर, माँ ही अपने बच्चों को अन-कंडीशनल (बेशर्त) प्रेम करने की चमता रखती है. यह भाव सिर्फ मानव में नहीं है, प्रकृति की हर जीवंत रचना में है |
- माँ वह है, जो सबकी जगह ले सकती है, लेकिन उसकी जगह कोई नहीं ले सकता |
- अपनी माँ के बारे में बताना उसी तरह से है, जिस तरह ईशवर की शक्ति के बारे में बताना |
आइये सब मिलकर सलाम करे उस माँ को जो हमे बेपनाह प्यार करती है |
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